बिहार (अंग्रेज़ी: Bihar) भारत के उत्तर-पूर्वी भाग के मध्य में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज्य है और इसकी राजधानी पटना है। यह जनसंख्या की दृष्टि से भारत का तीसरा सबसे बड़ा प्रदेश है जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से बारहवां है। 2000 को बिहार के दक्षिणी हिस्से को अलग कर एक नया राज्य झारखण्ड बनाया गया। बिहार के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में झारखण्ड, पूर्व में पश्चिम बंगाल और पश्चिम में उत्तर प्रदेश स्थित है। यह क्षेत्र गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में बसा है। गंगा इसमें पश्चिम से पूर्व की तरफ बहती है। बिहार भारत के सबसे महान् राज्यों मे से एक है। बिहार की जनसंख्या का अधिकांश भाग ग्रामीण है और केवल ११.३ प्रतिशत लोग नगरों में रहते हैं। इसके अलावा बिहार के ५८% लोग २५ वर्ष से कम आयु के हैं। प्राचीन काल में बिहार विशाल साम्राज्यों, शिक्षा केन्द्रों एवं संस्कृति का गढ़ था। बिहार नाम का प्रादुर्भाव बौद्ध सन्यासियों के ठहरने के स्थान विहार शब्द से हुआ। ‘बिहार’, ‘विहार’ का अपभ्रंश है।१२ फरवरी वर्ष १९४८ में महात्मा गांधी के अस्थि कलश जिन १२ तटों पर विसर्जित किए गए थे, त्रिमोहिनी संगम भी उनमें से एक है। बिहार का प्राचीन इतिहास विशेष रूप से उदार और गर्वान्वित है। यहां अनेक महत्वपूर्ण साम्राज्यों का केंद्र रहा है, जिनमें मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य, और पाल साम्राज्य शामिल हैं। बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय[6], बोध गया, और वैशाली जैसे कई ऐतिहासिक धरोहर हैं। बिहार की संस्कृति बहुपरकारी है। यहां के प्रमुख कला-साधनों में मधुबनी पेंटिंग, लोक नृत्य,[7] और लोक गीत शामिल हैं। बिहार का भोजन भी बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें लिट्टी चोखा, चूड़ा दही, और सत्तू शामिल हैं। बिहार में प्राकृतिक सौंदर्य भी प्रचुर है। यहां के प्रमुख नदियों में गंगा, सोन, और घाघरा शामिल हैं। बिहार के प्रमुख पर्वतारों में हिमालय की तराई की पहाड़ियाँ शामिल हैं। बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां के प्रमुख फसलें में धान, गेहूं, मक्का, और मटर शामिल हैं। बिहार में कई खनिज भंडार भी हैं, जैसे कि कोयला, लौह अयस्क, और चूना पत्थर। बिहार में कई उद्योग भी हैं। यहां के प्रमुख उद्योगों में कृषि उद्योग, कपड़ा उद्योग, और खनिज उद्योग शामिल हैं। बिहार में कई शिक्षण संस्थान भी हैं, जिनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (पटना), पटना विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्याल

बिहार की सूची में इसके सभी जिले, जैसे अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण शामिल हैं।
- जिले: बिहार में कुल 38 जिले हैं।
- विधानसभा: बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं।
- इतिहास: बिहार के सबसे पुराने जिलों में से एक पूर्णिया है, जिसकी स्थापना ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1770 में की थी।
इतिहास मुख्य लेख: बिहार
बिहार का इतिहास वर्तमान बिहार विभिन्न ऐतिहासिक क्षेत्रों से मिलकर बना है। बिहार के क्षेत्र जैसे-मगध, मिथिला और अंग- धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन भारत के महाकाव्यों में वर्णित हैं।
प्राचीन काल (बिहार) मुख्य लेख: बिहार
प्राचीन काल (बिहार) मुख्य लेख: बिहार का प्राचीन इतिहास सारण जिले में गंगा नदी के उत्तरी किनारे पर चिरांद, नवपाषाण युग (लगभग ४५००-२३४५ ईसा पूर्व) और ताम्र युग ( २३४५-१७२६ ईसा पूर्व) से एक पुरातात्विक रिकॉर्ड है। मिथिला को पहली बार इंडो-आर्यन लोगों ने विदेह साम्राज्य की स्थापना के बाद प्रतिष्ठा प्राप्त की। देर वैदिक काल (सी। १६००-११०० ईसा पूर्व) के दौरान, विदेह् दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक बन गया, कुरु और पंचाल् के साथ। विदेह साम्राज्य के राजा यहांजनक कहलाते थे। मिथिला के राजा सिरध्वज जनक की पुत्री एक थी सीता जिसका वाल्मीकि द्वारा लिखी जाने वाली हिंदू महाकाव्य, रामायण में भगवान राम की पत्नी के रूप में वर्णित है। बाद में विदेह राज्य के वाजिशि शहर में अपनी राजधानी था जो वज्जि समझौता में शामिल हो गया, मिथिला में भी है। वज्जि के पास एक रिपब्लिकन शासन था जहां राजा राजाओं की संख्या से चुने गए थे। जैन धर्म और बौद्ध धर्म से संबंधित ग्रंथों में मिली जानकारी के आधार पर, वज्जि को ६ ठी शताब्दी ईसा पूर्व से गणराज्य के रूप में स्थापित किया गया था, गौतम बुद्ध के जन्म से पहले ५६३ ईसा पूर्व में, यह दुनिया का पहला गणतंत्र था। जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म वैशाली में हुआ था। आधुनिक-पश्चिमी पश्चिमी बिहार के क्षेत्र में मगध १००० वर्षों के लिए भारत में शक्ति, शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बने। ऋग्वेदिक् काल मे यह बृहद्रथ वंश का शासन था।सन् ६८४ ईसा पूर्व में स्थापित हरयंक वंश, राजगृह (आधुनिक राजगीर) के शहर से मगध पर शासन किया। इस वंश के दो प्रसिद्ध राजा बिंबिसार और उनके बेटे अजातशत्रु थे, जिन्होंने अपने पिता को सिंहासन पर चढ़ने के लिए कैद कर दिया था। अजातशत्रु ने पाटलिपुत्र शहर की स्थापना की जो बाद में मगध की राजधानी बन गई। उन्होंने युद्ध की घोषणा की और बाजी को जीत लिया। हिरुआँ वंश के बाद शिशुनाग वंश का पीछा किया गया था। बाद में नंद वंश ने बंगाल से पंजाब तक फैले विशाल साम्राज्य पर शासन किया। भारत की पहली साम्राज्य, मौर्य साम्राज्य द्वारा नंद वंश को बदल दिया गया था। मौर्य साम्राज्य और बौद्ध धर्म का इस क्षेत्र में उभार रहा है जो अब आधुनिक बिहार को बना देता है। ३२५ ईसा पूर्व में मगध से उत्पन्न मौर्य साम्राज्य, चंद्रगुप्त मौर्य ने स्थापित किया था, जो मगध में पैदा हुआ था। इसकी पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में इसकी राजधानी थी। मौर्य सम्राट, अशोक, जो पाटलीपुत्र (पटना) में पैदा हुए थे, को दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा शासक माना जाता है। मौर्य साम्राज्य भारत की आजतक की सबसे बड़ी सम्राजय थी ये पश्चिम मे ईरान से लेकर पूर्व मे बर्मा तक और उत्तर मे मध्य-एशिया से लेकर दक्षिण मे श्रीलंका तक पूरा भारतवर्ष मे फैला था। इस साम्राज्य के पहले राजा चन्द्रगुप्त मौर्य ने कै ग्रीक् सतराप् को हराकर अफ़ग़ानिस्तां के हिस्से को जीता। इनकी सबसे बड़ी विजय ग्रीस से पश्चिम-एशिय थक के यूनानी राजा सेलेक्यूज़ निकेटर को हराकर पर्शिया का बड़ा हिस्सा जीत लिया था और संधि मे यूनानी राजकुमारी हेलेन से विवाह किये जो कि सेलेक्यूज़ निकटोर कि पुत्री थी और हमेसा के लिए यूनाननियो को भारत से बाहर रखा। इनके प्रधानमंत्री चाणक्य ने अर्थशास्त्र कि रचना कि जो इनके गुरु और मार्गदर्शक थे। इनके पुत्र बिन्दुसार ने इस साम्राज्य को और दूर तक फैलाया व दक्षिण तक स्थापित किया। सन् २४० ए में मगध में उत्पन्न गुप्त साम्राज्य को विज्ञान, गणित, खगोल विज्ञान, वाणिज्य, धर्म और भारतीय दर्शन में भारत का स्वर्णिम युग कहा गया। इस वंश के समुद्रगुप्त ने इस सम्राजय को पूरे दक्षिण एशिया मे स्थापित किया। इनके पुत्र चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने भारत के सारे विदेशी घुसपैट्या को हरा कर देश से बाहर किया इसीलिए इन्हे सकारी की उपाधि दी गई। इन्ही गुप्त राजाओं मे से प्रमुख स्कंदगुप्त ने भारत मे हूणों का आक्रमं रोका और उनेे भारत से बाहर भगाया और देश की बाहरी आक्रमण कारी से रक्षा की। उस समय गुप्त साम्राज्य दुनिया कि सबसे बड़ी शक्तिशाली साम्राज्य था। इसका राज्य पश्चिम मे पर्शिया या बग़दाद से पूर्व मे बर्मा तक और उत्तर मे मध्य एशिया से लेकर दक्षिण मे कांचीपुरम तक फैला था। इसकी राजधानी पाटलिपुत्र (पटना वर्तमान में) था। इस साम्राज्य का प्रभाव पूरी विश्व मे था रोम, ग्रीस, अरब से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया तक था।

मध्यकाल मुख्य लेख: बिहार
मध्यकाल मुख्य लेख: बिहार का मध्यकालीन इतिहास मगध में बौद्ध धर्म मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी के आक्रमण की वजह से गिरावट में पड़ गया, जिसके दौरान कई बिहार के नालंदा और विक्रमशिला के विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया गया। यह दावा किया गया कि १२ वीं शताब्दी के दौरान हजारों बौद्ध भिक्षुओं की हत्या हुई थी। डी.एन. झा सुझाव देते हैं, इसके बजाय, ये घटनाएं सर्वोच्चता के लिए लड़ाई में बौद्ध ब्राह्मण की झड़पों का परिणाम थीं। १५४० में, महान पस्तीस के मुखिया, सासाराम के शेर शाह सूरी, हुमायूं की मुगल सेना को हराकर मुगलों से उत्तरी भारत ले गए थे। शेर शाह ने अपनी राजधानी दिल्ली की घोषणा की और ११ वीं शताब्दी से लेकर २० वीं शताब्दी तक, मिथिला पर विभिन्न स्वदेशीय राजवंशों ने शासन किया था। इनमें से पहला, जहां कर्नाट, अनवर राजवंश, रघुवंशी और अंततः राज दरभंगा के बाद। इस अवधि के दौरान मिथिला की राजधानी दरभंगा में स्थानांतरित की गई थी।
आधुनिक काल मुख्य लेख: बिहार
आधुनिक काल मुख्य लेख: बिहार का आधुनिक इतिहास १८५७ के प्रथम सिपाही विद्रोह में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। १९०५ में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया। १९३६ में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार में चंपारण के विद्रोह को, अंग्रेजों के खिलाफ बग़ावत फैलाने में अग्रण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और १५ नवंबर २००० में झारखंड राज्य को इससे अलग कर दिया गया। भारत छोड़ो आन्दोलन में भी बिहार की अहम भूमिका रही थी।
भौगोलिक स्थिति मुख्य लेख: बिहार का भूगोल
त्तर भारत में २४°२०’१०” ~ २७°३१’१५” उत्तरी अक्षांश तथा ८३°१९’५०” ~ ८८°१७’४०” पूर्वी देशांतर के बीच बिहार एक हिंदी भाषी राज्य है। राज्य का कुल क्षेत्रफल ९४,१६३ वर्ग किलोमीटर है जिसमें ९२,२५७.५१ वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र है। झारखंड के अलग हो जाने के बाद बिहार की भूमि मुख्यतः नदियों के मैदान एवं कृषियोग्य समतल भूभाग है। गंगा के पूर्वी मैदान में स्थित इस राज्य की औसत ऊँचाई १७३ फीट है। भौगोलिक तौर पर बिहार को तीन प्राकृतिक विभागो में बाँटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय एवं तराई भाग, मध्य का विशाल मैदान तथा दक्षिण का पहाड़ी किनारा। उत्तर का पर्वतीय प्रदेश सोमेश्वर श्रेणी का हिस्सा है। इस श्रेणी की औसत उचाई ४५५ मीटर है परन्तु इसका सर्वोच्च शिखर ८७४ मीटर उँचा है। सोमेश्वर श्रेणी के दक्षिण में तराई क्षेत्र है। यह दलदली क्षेत्र है जहाँ साल वॄक्ष के घने जंगल हैं। इन जंगलों में प्रदेश का इकलौता बाघ अभयारण्य वाल्मिकीनगर में स्थित है। मध्यवर्ती विशाल मैदान बिहार के ९५% भाग को समेटे हुए हैं। भौगोलिक तौर पर इसे चार भागों में बाँटा जा सकता है:- १- तराई क्षेत्र यह सोमेश्वर श्रेणी के तराई में लगभग १० किलोमीटर चौ़ड़ा कंकर-बालू का निक्षेप है। इसके दक्षिण में तराई उपक्षेत्र है जो प्रायः दलदली है। २-भांगर क्षेत्र यह पुराना जलोढ़ क्षेत्र है। समान्यतः यह आस पास के क्षेत्रों से ७-८ मीटर ऊँचा रहता है। ३-खादर क्षेत्र इसका विस्तार गंडक से कोसी नदी के क्षेत्र तक सारे उत्तरी बिहार में है। प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण यह क्षेत्र बहुत उपजाऊ है। परन्तु इसी बाढ़ के कारण यह क्षेत्र तबाही के कगार पर खड़ा है। गंगा नदी राज्य के लगभग बीचों-बीच बहती है। उत्तरी बिहार बागमती, कोशी, बूढी गंडक, गंडक, घाघरा और उनकी सहायक नदियों का समतल मैदान है। सोन, पुनपुन, फल्गू तथा किऊल नदी बिहार में दक्षिण से गंगा में मिलनेवाली सहायक नदियाँ है। बिहार के दक्षिण भाग में छोटानागपुर का पठार, जिसका अधिकांश हिस्सा अब झारखंड है, तथा उत्तर में हिमालय पर्वत की नेपाल श्रेणी है। हिमालय से उतरने वाली कई नदियाँ तथा जलधाराएँ बिहार होकर प्रवाहित होती है और गंगा में विसर्जित होती हैं। वर्षा के दिनों में इन नदियों में बाढ़ की एक बड़ी समस्या है। राज्य का औसत तापमान गृष्म ऋतु में ३५-४५ डिग्री सेल्सियस तथा जाड़े में ५-१५ डिग्री सेल्सियस रहता है। जाड़े का मौसम नवंबर से मध्य फरवरी तक रहता है। अप्रैल में गृष्म ऋतु का आरंभ होता है जो जुलाई के मध्य तक रहता है। जुलाई-अगस्त में वर्षा ऋतु का आगमन होता है जिसका अवसान अक्टूबर में होने के साथ ही ऋतु चक्र पूरा हो जाता है। औसतन १२०५ मिलीमीटर वर्षा का का वार्षिक वितरण लगभग ५२ दिनों तक रहता है जिसका अधिकांश भाग मानसून से होनेवाला वर्षण है। उत्तर में भूमि प्रायः सर्वत्र उपजाऊ एवं कृषि योग्य है। धान, गेंहूँ, दलहन, मक्का, तिलहन, तम्बाकू,सब्जी तथा केला, आम और लीची जैसे कुछ फलों की खेती की जाती है। हाजीपुर का केला एवं मुजफ्फरपुर की लीची बहुत ही प्रसिद्ध है।

भाषा और संस्कृति बिहार
हिंदी बिहार की राजभाषा और उर्दू द्वितीय राजभाषा है।[1]मैथिली भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची में सम्मिलित एकमात्र बिहारी भाषा है।[2]भोजपुरी, मगही, अंगिका तथा बज्जिका बिहार में बोली जाने वाली अन्य प्रमुख भाषाओं और बोलियों में सम्मिलित हैं।[3]प्रमुख पर्वों में छठ, होली, दीपावली, दशहरा, महाशिवरात्रि, नागपंचमी, श्री पंचमी, मुहर्रम, ईद,तथा क्रिसमस हैं। सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म स्थान होने के कारण पटना सिटी (पटना) में उनकी जयन्ती पर भी भारी श्रद्धार्पण देखने को मिलता है। बिहार ने हिंदी को सबसे पहले राज्य की अधिकारिक भाषा माना है।
खानपान बिहार
बिहार अपने खानपान की विविधता के लिए प्रसिद्ध है। शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनो व्यंजन पसंद किये जाते हैं। मिठाईयों की विभिन्न किस्मों के अतिरिक्त अनरसा की गोली, खाजा, मोतीचूर लड्डू,गया की तिलकुट,थावे(गोपालगंज) के पेरुकिया ,रफीगंज का छेना, यहाँ की खास पसंद है। सत्तू, चूड़ा-दही और लिट्टी-चोखा जैसे स्थानीय व्यंजन तो यहाँ के लोगों की कमजोरी हैं। लहसुन की चटनी भी बहुत पसंद करते हैं। लालू प्रसाद के रेल मंत्री बनने के बाद तो लिट्टी-चोखा भारतीय रेल के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी मिलने लगा है। सुबह के नास्ते में चूड़ा-दही या पूरी-जलेबी खूब खाये जाते हैं। चावल-दाल-सब्जी और रोटी बिहार का सामान्य भोजन है। बिहार की मालपुआ काफी स्वादिष्ट होता है। यह उत्तर भारत में बनाये जाने वाली डिश है। बिहार की बाकी व्यंजनों में दालपूरी, खाजा, मखाना खीर, पुरूकिया (गुजिया), ठेकुआ, भेलपुरी, खजुरी, बैगन का भरता आदि शामिल है। खाजा बिहार की प्रमुख मिठाई है और यह बारार की विशेषत वस्त्रशिल्प से जुड़ा है। यह मिठाई गुड़ और घी के साथ बनती है। मक्की की रोटी बिहार में मक्की की रोटी भी प्रिय है, जो अक्सर सर्दीयों में खाई जाती है। इसे घी और चना जूस के साथ बनाया जाता है। दाल पीठा: यह एक प्रकार का पकौड़ी है जो चावल के आटे, दाल के पेस्ट, और सब्जियों से बनाई जाती है। दाल पीठा को आमतौर पर स्टीम किया जाता है या तला जाता है। रसिया: यह एक प्रकार की खीर है जो छठ पूजा के दौरान बनाई जाती है। रसिया को दूध, चावल, और मखाने से बनाई जाती है। चूड़ा: यह एक प्रकार का सूखा नाश्ता है जो धान से बनाई जाती है। चूड़ा को आमतौर पर दही, चटनी, या सब्जियों के साथ खाया जाता है।[1] सत्तू शरबत: यह एक प्रकार का ठंडा पेय है जो सत्तू, दूध, और चीनी से बनाई जाती है। सत्तू शरबत को गर्मियों में ठंडक के लिए पिया जाता है। छाछ: यह एक प्रकार का दही का पेय है। छाछ को आमतौर पर भोजन के साथ या अकेले पिया जाता है। गन्ने का रस: यह एक प्रकार का मीठा पेय है जो गन्ने के रस से बनाया जाता है। गन्ने का रस को गर्मियों में ठंडक के लिए पिया जाता है। बिहार में खाने-पीने की इन चीजों को जरूर ट्राई करें। ये चीजें आपको बिहार की संस्कृति और स्वाद का अनुभव करने में मदद करेंगी।

खेलकूद बिहार
भारत के अन्य कई जगहों की तरह क्रिकेट यहाँ भी सर्वाधिक लोकप्रिय है। इसके अलावा फुटबॉल, हाकी, टेनिस, खो-खो और गोल्फ भी पसन्द किया जाता है। कबड्डी: बिहार में एक प्रमुख लोकप्रिय खेल है। यहाँ परंपरागत रूप से कबड्डी खेला जाता है, जिसमें दो टीमें आमने-सामने खड़ी होती हैं और एक टीम के खिलाड़ी दूसरी टीम के खिलाड़ियों को छूकर वापस अपनी बाल को छूने की कोशिश करते हैं। खुदाया खेल: खुदाया बिहार में प्रसिद्ध है, और यह एक प्रकार की रेसिंग है जिसमें दो व्यक्ति या दो टीमें भाग लेती हैं। पारंपरिक खुदाया खेल में पाँवलों को धरातल से छूकर आगे बढ़ाने की कोशिश की जाती है | गुली-डंडा बिहार में बच्चों के बीच एक प्रमुख खेल है। इसमें एक छोटी सी गुली या खड़दर और एक लम्बी सी डंडी का उपयोग किया जाता है। खो-खो भी बिहार में खेला जाता है और यह टीम खेल है जिसमें एक टीम दूसरी टीम के खिलाड़ियों को छूने की कोशिश करती है। इन्हीं के अलावा, खुदाया दौड़, गेंदबाजी, शतरंज आदि भी बिहार में खेले जाते हैं। खेल और खुदाया बिहारी समुदाय के एक महत्वपूर्ण हिस्से को छूने का एक अद्वितीय तरीका है और यहाँ विभिन्न खेलों का आनंद लिया जाता है।
बिहार राज्य के प्रमुख् उद्योग
राज्य के मुख्य उद्योग हैं –
- मुंगेर में सिगरेट कारखाना आई टी सी
- मुंगेर में आई टी सी के अन्य उत्पाद अगरबत्ती, माचिस तथा चावल-आटा आदि का निर्माण
- मुंगेर में बंदुक फैक्टरी
- मुेंगेर के जमालपुर में रेल कारखाना
- एशिया प्रसिद्ध रेल क्रेन कारखाना जमालपुर
- भागलपुर में शिल्क उधाेग
- मुजफ्फरपुर और मोकामा में ‘भारत वैगन लिमिटेड’ का रेलवे वैगन संयंत्र,
- बरौनी में भारतीय तेल निगम का तेलशोधक कारख़ाना है।
- बरौनी का एच.पी.सी.एल. और अमझोर का पाइराइट्स फॉस्फेट एंड कैमिकल्स लिमिटेड (पी.पी.सी.एल.) राज्य के उर्वरक संयंत्र हैं।
- सीवान, भागलपुर, पंडौल, मोकामा और गया में पांच बड़ी सूत कताई मिलें हैं।
- उत्तर व दक्षिण बिहार में 13 चीनी मिलें हैं, जो निजी क्षेत्र की हैं तथा 15 चीनी मिलें सार्वजनिक क्षेत्र की हैं जिनकी कुल पेराई क्षमता 45,00 टी.
- पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर और बरौनी में चमड़ा प्रसंस्करण के उद्योग है।
- कटिहार और समस्तीपुर में तीन बड़े पटसन के कारखाने हैं।
- हाजीपुर में दवाएं बनाने का कारख़ाना ,औरंगाबाद और पटना में खाद्य प्रसंस्करण और वनस्पति बनाने के कारखाने हैं।
- इसके अलावा बंजारी के कल्याणपुर सीमेंट लिमिटेड नामक सीमेंट कारखाने का बिहार के औद्योगिक नक्शे में महत्वपूर्ण स्थान है।
- औरंगाबाद का नया श्री सीमेंट का कारखाना
- रेल इंजन कारखाना, मधेपुरा
- रेल इंजन कारखाना मढ़ौरा
- मोकामा के दरियापुर मे बाटा नामक कम्पनी के जुते के कारखाने है ।

सिंचाई बिहार
बिहार में कुल सिंचाई क्षमता 28.63 लाख हेक्टेयर है। यह क्षमता बड़ी तथा मंझोली सिंचाई परियोजनाओं से जुटाई जाती है। यहाँ बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का सृजन किया गया है और 48.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई प्रमुख सिंचाई योजनाओं के माध्यम से की जाती है। बिहार में शिचाई नलकूप, कुंआ,और मानसून पर निर्भर करता है।
शिक्षा बिहार
एक समय बिहार शिक्षा के सर्वप्रमुख केन्द्रों में गिना जाता था। नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय तथा ओदंतपुरी विश्वविद्यालय प्राचीन बिहार के गौरवशाली अध्ययन केंद्र थे।( १९१७ ) में खुलने वाला पटना विश्वविद्यालय काफी हदतक अपनी प्रतिष्ठा कायम रखने में सफल रहा। किंतु स्वतंत्रता के पश्चात शैक्षणिक संस्थानों में राजनीति तथा अकर्मण्यता करने से शिक्षा के स्तर में गिरावट आई। हाल के दिनों में उच्च शिक्षा की स्थिति सुधरने लगी है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की स्थिति भी अच्छी हो रही है। हाल में पटना में एक भारतीय प्राद्यौगिकी संस्थान और राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी संस्थान तथा हाजीपुर में केंद्रीय प्लास्टिक इंजिनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्युट तथा केंद्रीय औषधीय शिक्षा एवं शोध संस्थान खोला गया है साथ हि गया जिले मे दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय बिहार का एक मात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय खोला गया है, जो अच्छा संकेत है। बिहार के सभी जिलों मे 2019 में एक-एक सरकारी इंजिनियरिंग कॉलेज खोला गया है।
बिहार विश्वविद्यालय
- भारतीय सूचना प्रोद्योगिकी संस्थान, भागलपुर
- महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण
- दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय, पंचानपुर, गया
- बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर
- पटना विश्वविद्यालय, पटना
- पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना
- मगध विश्वविद्यालय, बोधगया
- बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर
- तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा
- कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा
- जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा
- भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा
- मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर
- पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया
- वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा
- नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय, पटना
- मौलाना मजहरुल हक़ अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय, पटना
- राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर
- आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना
बिहार चिकित्सा संस्थान
- पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना
- इंदिरागाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना
- नालन्दा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना
- बुद्धा दंत चिकित्सा संस्थान एवं अस्पताल, पटना
- श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, मुजफ्फरपुर
- राय बहादुर टुनकी साह होमियोपैथिक कॉलेज और अस्पताल, मुजफ्फरपुर
- अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, गया
- दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लहेरियासराय
- कटिहार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटिहार
- जवाहरलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज और अस्पताल, भागलपुर
- वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स, पावापुरी, नालंदा
- एम्स पटना
- मधुबनी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, मधुबनी
- नारायण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, रोहतास

बिहार इंजीनियरी संस्थान
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना
- मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान
- भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
- श्री फणीश्वर नाथ रेणु इंजीनियरिंग कॉलेज, अररिया
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), गोपालगंज
- पूर्णिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (पीसीई), पूर्णिया
- सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
- सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (एससीई), सहरसा
- कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, कटिहार
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, लखीसराय
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज ,वैशाली
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, भोजपुर
- राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग,बेगूसराय
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, जहानाबाद
- दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज, दरभंगा
- लोकनायक जय प्रकाश इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी,छपरा
- राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, मधुबनी
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, किशनगंज
- बी. पी. मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा
- नालन्दा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), नवादा
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), जमुई
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), बांका
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज,बक्सर
- शेरशाह इंजीनियरिंग कॉलेज, सासाराम
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, कैमूर
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), सीवान
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), समस्तीपुर
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज शेखपुरा (जीईसी शेखपुरा)
- सीतामढी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसआईटी), सीतामढी
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, खगड़िया
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, मुंगेर
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), पश्चिम चंपारण
- मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मोतिहारी
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, अरवल
- गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), शिवहर
बिहार अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थान
- शेरिकलचर इंसटीचयूट भागलपुर
- चाणक्य विधि विश्वविद्यालय, पटना
- अनुग्रह नारायण सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना
- ललितनारायण मिश्रा सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना
- केंद्रीय प्लास्टिक इंजिनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्युट (सिपेट), हाजीपुर
- केंद्रीय औषधीय शिक्षा एवं शोध संस्थान (नाइपर), हाजीपुर
- होटल प्रबंधन, खानपान एवं पोषाहार संस्थान, हाजीपुर
- प्राकृत जैनशास्त्र एवं अहिंसा संस्थान, वैशाली
बिहार भर्ती एजेंसी
- बिहार लोक सेवा आयोग
- बिहार कर्मचारी चयन आयोग
- बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग
बिहार सरकार गैनाहा पारसा
बिहार राज्य भारतीय गणराज्य के संघीय ढाँचे में द्विसदनीय व्यवस्था के अन्तर्गत आता है। राज्य का संवैधानिक मुखिया राज्यपाल है लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद के हाथ में होता है। विधानसभा में चुनकर आनेवाले विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री का चुनाव पाँच वर्षों के लिए किया जाता है जबकि राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है। प्रत्यक्ष चुनाव में बहुमत प्राप्त करनेवाले राजनीतिक दल अथवा गठबंधन के आधार पर सरकार बनाए जाते हैं। उच्च सदन या विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष ढंग से ६ वर्षों के लिए होता है।

प्रशासन – बिहार
प्रशासनिक सुविधा के लिए बिहार राज्य को 9 प्रमंडल तथा 38 मंडल (जिला) में बाँटा गया है। जिलों को क्रमश: 101 अनुमंडल, 534 प्रखंड (अंचल), 8,471 पंचायत, 45,103 गाँव में बाँटा गया है। राज्य का मुख्य सचिव नौकरशाही का प्रमुख होता है जिसे श्रेणीक्रम में आयुक्त, जिलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी या अंचलाधिकारी तथा इनके साथ जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण रिपोर्ट करते हैं। पंचायत तथा गाँवों का कामकाज़ सीधेतौर पर चुनाव कराकर मुखिया, सरपंच तथा वार्ड सदस्यों के अधीन संचालित किया जाता है। नगरपालिका आम निर्वाचन 2017 के बाद बिहार में नगर निगमों की संख्या 19,[1] नगर परिषदों की संख्या 49 और नगर पंचायतों की संख्या 80 है।इसके साथ ही बिहार की सरकार अपने नागरिको के लिए सभी सुविधा जनक कार्य भी करते है जैसे की हाल ही में उनके द्वारा online portal rtps जारी किया गया.
बिहार का पुराना जिला कौन सा है?
बिहार का सबसे पुराना जिला पूर्णिया है, जिसकी स्थापना ईस्ट इंडिया कंपनी ने 10 फरवरी, 1770 को की थी। इसे अक्सर “भारत का सबसे पुराना जिला” भी कहा जाता है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 1770 में हुई थी, जब अंग्रेजों का शासन स्थापित हो रहा था।
- ऐतिहासिक महत्व: यह जिला ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक सैन्य सीमांत प्रांत था और ब्रिटिश शासन के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र था।
- नाम का अर्थ: “पूर्णिया” शब्द “पूर्ण” और “अरण्य” से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “पूरी तरह से जंगलों से घिरा हुआ क्षेत्र”।
बिहार का सुंदर शहर कौन सा है?
मधुबनी बिहार का सबसे खूबसूरत शहर है, जो अपनी समृद्ध कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है। मधुबनी चित्रकारी दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
बिहार का पहला राजा कौन था?
पू. में की। इसके साथ ही राजनीतिक शक्ति के रूप में बिहार का सर्वप्रथम उदय हुआ। बिम्बिसार को मगध साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक/राजा माना जाता है।

बिहार का No. 1 जिला कौन सा है?
नंबर 1 पर पटना
अमीर जिलों की लिस्ट में पटना पहले स्थान पर है. 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार यहां प्रति व्यक्ति औसत आय 1,21,396 रुपये है. यही वजह है कि पटना को राज्य का सबसे समृद्ध जिला माना जाता है.
बिहारी किस भगवान का नाम है?
बिहारी: उत्तर भारत में भगवान कृष्ण के लिए “बिहारी” शब्द एक प्रचलित नाम है। इसका प्रयोग अक्सर उन्हें उनके प्रियतम या वृंदावन में लीलाओं का आनंद लेने वाले व्यक्ति के रूप में किया जाता है, जिसे उनके बचपन के दिनों में उनका क्रीड़ास्थल माना जाता था।
बिहार में सबसे गरीब जिला कौन सा है?
बिहार का चंपारण जिला 5वां सबसे गरीब जिला है। पूर्वी चंपारण की प्रति व्यक्ति आय 22698 रुपये है।
1912 se pahle Bihar Ka Kya Naam tha?
1912 से पहले बिहार के किसी एक नाम के बजाय, यह बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था, लेकिन प्राचीन काल में इसका सबसे प्रमुख नाम मगध था.
- 1912 से पहले: बिहार, उड़ीसा सहित, ब्रिटिश भारत की बंगाल प्रेसीडेंसी का एक भाग था.
- प्राचीन काल में: इस क्षेत्र को प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से सबसे शक्तिशाली मगध के नाम से जाना जाता था, जहाँ अशोक और बिम्बिसार जैसे सम्राटों ने शासन किया.
- अन्य प्राचीन नाम: इस क्षेत्र में अन्य प्राचीन राज्य भी थे, जैसे कि मगध के अधीन अंगदेश.
बिहार का सबसे गंदा जिला कौन सा है?
बिहार का “सबसे गंदा” जिला कई कारकों पर निर्भर करता है और यह समय के साथ बदलता रहता है। स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार, सहरसा और सासाराम जैसे जिलों के शहरों को सबसे गंदे शहरों में शामिल किया गया है। वहीं, वायु प्रदूषण के मामले में बेगूसराय और पूर्णिया जैसे शहर चिंताजनक स्तर पर रहे हैं।
- स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार:
- पिछली स्वच्छता सर्वेक्षणों में सहरसा और सासाराम जैसे शहरों को सबसे गंदे शहरों में सूचीबद्ध किया गया था।
- वायु प्रदूषण के अनुसार:
- कुछ रिपोर्टों में बेगूसराय को देश के सबसे प्रदूषित महानगरीय क्षेत्रों में से एक बताया गया है।
- पूर्णिया: जैसे शहर भी वायु प्रदूषण के मामले में शीर्ष पर रहे हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि “सबसे गंदा” होने का पैमाना क्या है, यह सर्वेक्षण के उद्देश्य (जैसे स्वच्छता या वायु प्रदूषण) पर निर्भर करता है।

बिहार का सबसे अमीर शहर कौन सा है?
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, पटना जिले ने राज्य में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीडीपी) दर्ज किया (2022-23 में 1.21 लाख रुपये), जिससे पटना बिहार का सबसे अमीर शहरी केंद्र बन गया।
बिहार का सबसे अनपढ़ जिला कौन सा है?
बिहार का सबसे अनपढ़ जिला पूर्णिया है, जिसकी साक्षरता दर सबसे कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार, पूर्णिया की साक्षरता दर लगभग
51.08% थी।
- सबसे कम साक्षरता दर: पूर्णिया,
51.08% साक्षरता दर के साथ बिहार का सबसे कम साक्षर जिला है।
- अन्य जिले: कुछ अन्य जिलों में भी साक्षरता दर कम है, जैसे कि मधेपुरा (
52.3%), कटिहार (
52.2%), और सीतामढ़ी (
52.1%)।
बिहार का सबसे शिक्षित जिला कौन सा है?
पटना में सबसे अधिक साक्षरता दर 87.82% है, उसके बाद रोहतास (80.36%) और मुंगेर (78.11%) का स्थान है। किशनगंज में साक्षरता दर सबसे कम 61.05% है, उसके बाद अररिया (64.95%) और कटिहार (65.46%) का स्थान है।

बिहार के 4 स्मार्ट सिटी कौन से हैं?
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिहार के चार स्मार्ट शहरों पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ और मुजफ्फरपुर को चुना गया है। 2015 में, भारत सरकार ने शहरी विकास को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन (SCM) की शुरुआत की थी।
Bihar ko Bihari kyu kaha jata hai?
बिहार को ‘बिहारी’ कहा जाता है क्योंकि राज्य के नाम ‘बिहार’ की उत्पत्ति संस्कृत शब्द “विहार” से हुई है, जिसका अर्थ होता है “आवास” या “ठहरने की जगह”। प्राचीन काल में, यह क्षेत्र बौद्ध भिक्षुओं के लिए महत्वपूर्ण मठों और शिक्षण केंद्रों से भरा हुआ था, जिन्हें ‘विहार’ कहा जाता था। इन विहारों की अधिकता के कारण, पूरे क्षेत्र को “विहारों की भूमि” कहा जाने लगा, और अंततः यह नाम ‘बिहार’ बन गया। इस प्रकार, बिहार राज्य के निवासियों को ‘बिहारी’ कहा जाता है।
- नाम की उत्पत्ति: ‘विहार’ शब्द का अर्थ बौद्ध मठ, आश्रम या “ठहरने की जगह” है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: प्राचीन काल में नालंदा और विक्रमशिला जैसे कई महत्वपूर्ण बौद्ध विहार यहां स्थित थे।
- नाम का विकास: इन विहारों की बहुतायत के कारण इस क्षेत्र को “विहारों की भूमि” के रूप में जाना जाने लगा, जो समय के साथ “बिहार” में बदल गया।
- निवासियों की पहचान: इसलिए, जो लोग बिहार राज्य के निवासी हैं, उन्हें ‘बिहारी’ कहा जाता है।
बिहार का सबसे ठंडा जिला कौन सा है?
बिहार का सबसे ठंडा जिला गया है, जहाँ सर्दियों में तापमान बहुत कम हो जाता है और कभी-कभी $4^\circ$C या उससे भी कम तक गिर सकता है। हालांकि, मौसम के अनुसार और दैनिक रिपोर्टों में डेहरी, भागलपुर, पूर्णिया और जमुई जैसे जिलों को भी सबसे ठंडा बताया गया है।
- गया: सामान्य तौर पर, गया को राज्य का सबसे ठंडा जिला माना जाता है क्योंकि यहाँ सर्दियों में तापमान में गिरावट अधिक होती है।
- अन्य जिले: मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण भागलपुर, पूर्णिया, और जमुई भी अलग-अलग दिनों में सबसे ठंडे स्थान रहे हैं।
बिहार का टॉप 5 शहर कौन सा है?

बिहार के शीर्ष 10 विकसित शहरों में शामिल हैं – पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीवान, सासाराम और हाजीपुर । बिहार के शीर्ष 10 विकसित शहरों में शामिल हैं – पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीवान, सासाराम और हाजीपुर।
बिहार का सबसे महंगा शहर कौन सा है?
बिहार के सबसे अमीर जिलों की लिस्ट में पहले नंबर पर पटना है। इस जिले की प्रति व्यक्ति आय 2022-23 के डेटा के अनुसार, पटना में रहने वाले हर व्यक्ति की औसत आय 1,21,396 रुपये है।
बिहार की सबसे बड़ी सिटी कौन सी है?
बिहार का सबसे बड़ा शहर: पटना बिहार की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर है।
बिहार का सबसे सुरक्षित शहर कौन सा है?
बिहार में सबसे सुरक्षित शहर कौन सा है? अन्य शहरों की तुलना में बेहतर बुनियादी ढांचे, कानून प्रवर्तन और पहुंच के कारण पटना को बिहार के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माना जाता है।

भारत में नंबर 1 सुंदर राज्य कौन सा है?
भारत का कोई एक “सबसे सुंदर” राज्य नहीं है, क्योंकि सुंदरता व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करती है। हालांकि, केरल को अक्सर इसकी प्राकृतिक सुंदरता के लिए सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मेघालय जैसे राज्य भी अपनी विशिष्ट प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं।
यहाँ कुछ राज्यों के बारे में जानकारी दी गई है, जिन्हें अक्सर उनकी सुंदरता के लिए सराहा जाता है:
- केरल: इसे “ईश्वर का अपना देश” कहा जाता है। यह अपने शांत जल, चाय बागानों, हाउसबोट और हरी-भरी वादियों के लिए प्रसिद्ध है।
- लद्दाख: अपनी अद्भुत चोटियों, मठों और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है।
- उत्तराखंड: विशाल हिमालय पर्वतमाला, घाटियाँ और गंगा और यमुना जैसी नदियों के स्रोत यहाँ हैं।
- हिमाचल प्रदेश: हिमालय की गोद में बसा यह राज्य अपने शांत वातावरण, हिल स्टेशनों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।
- मेघालय: “बादलों का घर” के रूप में जाना जाने वाला यह राज्य अपनी हरी-भरी हरियाली और पहाड़ियों के लिए मशहूर है।
- राजस्थान: रेगिस्तानी परिदृश्यों के बावजूद, यह राज्य अपने रंगीन शहरों, शाही किलों और जटिल वास्तुकला के कारण बेहद खूबसूरत है।
Bihar में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री कौन बना था?
सबसे अधिक 8 बार बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (आयु 80 वर्ष) सबसे बुजुर्ग और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू (जन्म 1979) सबसे युवा मुख्यमन्त्री हैं।
बिहारी इतना प्रसिद्ध क्यों है?
बिहारी मगध में स्थापित कई महान साम्राज्यों के संस्थापक थे, जिनमें नंद साम्राज्य, मौर्य साम्राज्य और गुप्त साम्राज्य शामिल हैं । इन सभी साम्राज्यों की राजधानियाँ पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में थीं। भारत के दो प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी बिहार में हुई है।
रामायण काल में बिहार का क्या नाम था?
रामायण काल में बिहार के दो प्रमुख नाम थे: मगध और विदेह। मगध, जो आज के बिहार का मुख्य भाग था, एक शक्तिशाली साम्राज्य था, जबकि मिथिला (विदेह की राजधानी) राजा जनक की रियासत थी।
- मगध: यह एक प्रमुख महाजनपद था, जिसकी राजधानी शुरू में राजगीर (राजगृह) थी और बाद में चंद्रगुप्त मौर्य के समय में बदलकर पाटलिपुत्र कर दी गई।
- विदेह: यह एक राज्य था जिसकी राजधानी मिथिला थी और इसके शासक, राजा जनक, भगवान राम के ससुर थे।
बिहार में किस भगवान का जन्म हुआ था?
सही उत्तर बिहार है। महावीर, जिसे वर्धमान के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म बिहार में आधुनिक वैशाली के, वज्जी साम्राज्य में हुआ था। भगवान महावीर जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे जिन्होंने 23 वें तीर्थंकर, पार्श्वनाथ का उत्तराधिकारी माना जाता है।
बिहार में कौन शक्तिशाली है?
यादव , जिन्हें बिहार में राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली जाति माना जाता है, अन्य क्षेत्रों में अपनी ऊपर की ओर गतिशीलता को दर्शाने में असफल रहे हैं।
बिहार के महापुरुष कौन हैं?
ऊपर से लेफ्ट टू राइट सच्चिदानंद मिश्रा, जयप्रकाश नारायण, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, श्रीकृष्ण सिंह और कर्पूरी ठाकुर। पद, सम्मान से हमेशा ऊंचा रखा अलग बिहार का सपना: सच्चिदानंद सिन्हा बिहारी अस्मिता का बोध जगाने वाले पहले नेता हैं।
बिहार में विंटर वेकेशन कब होगा 2025 में?
बिहार स्कूल की छुट्टियां 2025: बिहार के स्कूलों में 2025 की प्रमुख छुट्टियां मुख्य आकर्षणों में 2 जून से 21 जून तक की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां शामिल हैं, जो ईद-उल-अजहा (बकरीद) और कबीर जयंती के साथ मेल खाती हैं, तथा 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक की शीतकालीन छुट्टियां भी शामिल हैं।
बिहार में सबसे ज्यादा बारिश होने वाला जिला कौन सा है?
किशनगंज बिहार में सबसे ज्यादा बारिश किशनगंज में होती है।
बिहार में सबसे अमीर जिला कौन सा है?
यह पाया गया कि प्रति व्यक्ति आय पटना जिले में सबसे अधिक (6958 रुपये) है, उसके बाद रोहतास (4615 रुपये), बेगूसराय (4,414 रुपये), मुंगेर (4,958 रुपये) और बक्सर (4,815 रुपये) हैं।
Bihar का सबसे बड़ा गांव कौन सा है?
बिहार का सबसे बड़ा गांव सहरसा जिले में स्थित बनगांव है, जिसकी 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 30,061 है। यह गाँव कहरा ब्लॉक के अंतर्गत आता है और जनसंख्या तथा क्षेत्रफल दोनों के हिसाब से बिहार के सबसे बड़े गांवों में से एक है।
- स्थान: यह सहरसा जिले के कहरा ब्लॉक में स्थित है।
- जनसंख्या: 2011 की जनगणना के अनुसार, इसकी जनसंख्या 30,061 थी, जिसमें 15,676 पुरुष और 14,385 महिलाएं थीं।
- परिवार: गांव में कुल 6,244 परिवार हैं।
- अन्य विवरण: यह न केवल बिहार, बल्कि भारत के सबसे बड़े गांवों में से एक है।
बिहार का सबसे ज्यादा शिक्षित जिला कौन सा है?
बिहार में सबसे अधिक साक्षरता दर रोहतास जिले में है। 2011 की जनगणना के अनुसार, रोहतास जिले की साक्षरता दर 73.37% है, जो बिहार के सभी 38 जिलों में सबसे अधिक है।
Bihari kaise hote hain?
बिहारी कृतज्ञता की भावना से ओतप्रोत होते हैं, जीवन में मिलने वाले आशीर्वाद और अवसरों की कद्र करते हैं। अगर आपने उनके लिए कुछ किया है, तो वे हमेशा आपके आभारी रहेंगे। वे स्वभाव से बहुत भरोसेमंद और दयालु लोग होते हैं। वे आपके लिए बिना सोचे-समझे अपनी जान जोखिम में डाल देंगे और आपकी जान की बाज़ी लगा देंगे।
बिहार में दास कौन सी जाति है?
दास बंगालियों की विभिन्न जातियों और वर्गों में एक सामान्य उपनाम है, जिनमें बैद्य, बंगाली कायस्थ, महिष्य आदि शामिल हैं। बंगाल में, यह उपनाम सामान्य जातियों और अनुसूचित जातियों, दोनों द्वारा प्रयोग किया जाता है। बिहार में, यह अम्बष्ठ और कर्ण कायस्थ जातियों द्वारा प्रयोग किया जाता है।
बिहारी कौन सी जाति में आते हैं?
बिहारी लोगों को तीन मुख्य इंडो-आर्यन ( बिहारी भाषी ) नृजातीय भाषाई समूहों में विभाजित किया जा सकता है: भोजपुरी , मैथिल और मगही । वे आगे भी कई वंशानुगत जाति समूहों में विभाजित हैं।
बिहारी कौन सा धर्म है?

2011 तक भारतीय राज्य बिहार में मुख्य धर्म हिंदू धर्म (82.7% आबादी द्वारा प्रचलित) और इस्लाम (16.9%) हैं। हाल ही में जारी बिहार जाति-आधारित सर्वेक्षण 2022 के अनुसार, हिंदू धर्म का पालन 81.99% और इस्लाम का पालन 17.70% लोग करते हैं।
बिहार का सबसे गंदा जिला कौन सा है?
बिहार का “सबसे गंदा” जिला कई कारकों पर निर्भर करता है और यह समय के साथ बदलता रहता है। स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार, सहरसा और सासाराम जैसे जिलों के शहरों को सबसे गंदे शहरों में शामिल किया गया है। वहीं, वायु प्रदूषण के मामले में बेगूसराय और पूर्णिया जैसे शहर चिंताजनक स्तर पर रहे हैं।
- स्वच्छता सर्वेक्षण के अनुसार:
- पिछली स्वच्छता सर्वेक्षणों में सहरसा और सासाराम जैसे शहरों को सबसे गंदे शहरों में सूचीबद्ध किया गया था।
- वायु प्रदूषण के अनुसार:
- कुछ रिपोर्टों में बेगूसराय को देश के सबसे प्रदूषित महानगरीय क्षेत्रों में से एक बताया गया है।
- पूर्णिया: जैसे शहर भी वायु प्रदूषण के मामले में शीर्ष पर रहे हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि “सबसे गंदा” होने का पैमाना क्या है, यह सर्वेक्षण के उद्देश्य (जैसे स्वच्छता या वायु प्रदूषण) पर निर्भर करता है।
बिहार का सबसे अनपढ़ जिला कौन सा है?
बिहार का सबसे अनपढ़ जिला पूर्णिया है, जिसकी साक्षरता दर सबसे कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार, पूर्णिया की साक्षरता दर लगभग
51.08% थी।
- सबसे कम साक्षरता दर: पूर्णिया,
51.08% साक्षरता दर के साथ बिहार का सबसे कम साक्षर जिला है।
- अन्य जिले: कुछ अन्य जिलों में भी साक्षरता दर कम है, जैसे कि मधेपुरा (
52.3%), कटिहार (
52.2%), और सीतामढ़ी (
52.1%)।